Showing posts with label 'kunda'. Show all posts
Showing posts with label 'kunda'. Show all posts

Sunday, March 10, 2013

ज़ालिमों के दरम्याँ मज़लूम, सौदागर कहलाए रे ! Parveen wife of Ziya ul Haq

ये हैं शहादत के सौदागर, मीडिया भी मौन !
लेखक: महेन्द्र श्रीवास्तव
पर हमारा कमेन्ट:

माया मरी न मन मरा, मर मर गए शरीर।
आशा तृष्णा न मरी, कह गए दास कबीर।।

यहाँ ऐसा मशहूर है कि तोप की अर्ज़ी दो तब तमंचा मिलता है. जिन्होंने केवल अपना वाजिब हक़ माँगा उन्हें वह भी नहीं मिला. राजनेता दबाव में न हों तो इरोम के बरसों पुराने अनशन पर भी ध्यान नहीं देते.
गन्ना रस दे तो समझो दबाव पड़ रहा है.
सीबीआई पूरी गंभीरता से जांच करती है चाहे उसे अभियुक्त के अंतिम सांस तक करना पड़े.
सुश्री मायावती जी के शासनकाल में राजा भैया के निवास पर पुलिस अधिकारी श्री आर. एस. पांडेय जी ने छापा मारा था। उसके बाद उन्हें जान से मारने की धमकियां दी गईं और फिर एक दिन उन्हें सड़क पर किसी वाहन से कुचल कर मार दिया गया। सन 2004 से उस केस की जांच सीबीआई कर रही है। जांच अभी चल ही रही है।
अब ज़िया उल हक़ के क़त्ल कि जांच और शामिल हो गयी.
दुनिया में न्याय होता, ख़ासकर भारत में न्याय हो जाया करता तो 'पाण्डेय' जी को तो मिल ही गया होता. जो  हक़ 'पाण्डेय' को न मिला, वह ज़िया को मिल जाए. ऐसे सपने ज़रूर संजोने चाहियें. सपने भी मर गए तो इंसान फिर किस भरोसे जियेगा ? 
राजनीति न्याय को खा चुकी है.